
इस लेख में हम Zero Dep Insurance क्या होता है, इसके फायदे, नुकसान, कीमत, क्लेम प्रक्रिया और वह सच्चाई जानेंगे जो अक्सर एजेंट नहीं बताते।
Zero Dep Insurance क्या होता है?
Zero Depreciation Insurance को ही शॉर्ट में Zero Dep Insurance कहा जाता है। यह एक Car Insurance / Bike Insurance Add-on होता है, जिसमें क्लेम के समय गाड़ी के पार्ट्स पर लगने वाली Depreciation (मूल्य में कटौती) नहीं की जाती।
साधारण Comprehensive Insurance में अगर आपकी गाड़ी के किसी पार्ट को नुकसान होता है, तो बीमा कंपनी उस पार्ट की कीमत से उसका Depreciation घटाकर भुगतान करती है। लेकिन Zero Dep Insurance में यह कटौती नहीं होती।
Depreciation क्या होता है?
Depreciation का मतलब है – समय के साथ किसी चीज़ की कीमत कम होना। जैसे
- Plastic Parts 50%
- Rubber Parts 50%
- Fiber Parts 30%
- Metal Parts 5% – 10%
सामान्य बीमा में यही कटौती क्लेम से पहले कर ली जाती है, लेकिन Zero Dep Insurance में नहीं।
Zero Dep Insurance कैसे काम करता है?
मान लीजिए आपकी कार का एक्सीडेंट हो गया और मरम्मत में ₹20,000 का खर्च आया।
- Normal Insurance Depreciation कटने के बाद कंपनी ₹12,000 – ₹14,000 देगी
- Zero Dep Insurance कंपनी पूरा ₹20,000 देगी
यही वजह है कि Zero Dep Insurance को Full Claim Insurance भी कहा जाता है।
Zero Dep Insurance के फायदे
1. पूरा क्लेम मिलता है
सबसे बड़ा फायदा यह है कि क्लेम के समय पार्ट्स की कीमत में कोई कटौती नहीं होती।
2. जेब से खर्च बहुत कम
Accident के बाद आपको अपनी जेब से बहुत कम पैसे देने पड़ते हैं।
3. नई गाड़ी के लिए बेस्ट
नई कार या बाइक के लिए Zero Dep Insurance सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।
4. मानसिक शांति
आप निश्चिंत रहते हैं कि नुकसान हुआ तो पूरा पैसा मिलेगा।
5. महंगे पार्ट्स पर पूरा कवर
Bumper, Headlight, Plastic Parts जैसे महंगे पार्ट्स पर पूरा कवर मिलता है।
Zero Dep Insurance के नुकसान
1. प्रीमियम ज्यादा होता है
Normal Insurance के मुकाबले इसका प्रीमियम 15% – 25% तक ज्यादा हो सकता है।
2. सीमित क्लेम
अधिकतर कंपनियां साल में 1 या 2 Zero Dep क्लेम की ही अनुमति देती हैं।
3. पुरानी गाड़ियों पर नहीं मिलता
5 साल से ज्यादा पुरानी गाड़ियों पर Zero Dep Add-on नहीं मिलता।
4. हर नुकसान कवर नहीं
Engine Damage, Tyre Damage जैसी चीजें अलग शर्तों पर आती हैं।
वह सच जो एजेंट नहीं बताते
1. Zero Dep का मतलब हर चीज़ फ्री नहीं
Engine, Consumables, Tyres अक्सर इसमें शामिल नहीं होते।
2. हर क्लेम Zero Dep नहीं होता
अगर आपने क्लेम लिमिट पार कर ली तो Depreciation कटेगा।
3. गलत ड्राइविंग पर क्लेम रिजेक्ट
Drunk Driving या Traffic Rule तोड़ने पर Zero Dep भी काम नहीं आता।
4. हर कंपनी की शर्तें अलग
Zero Dep Add-on सभी कंपनियों में अलग-अलग नियमों के साथ आता है।
Zero Dep Insurance किन लोगों के लिए सही है?
- नई कार या बाइक मालिक
- महंगी गाड़ी चलाने वाले
- शहर में ज्यादा ड्राइव करने वाले
- जो बार-बार क्लेम नहीं करते
Zero Dep Insurance किसे नहीं लेना चाहिए?
- 5 साल से पुरानी गाड़ी वाले
- बहुत कम ड्राइव करने वाले
- कम बजट में बीमा चाहने वाले
Zero Dep Insurance की कीमत कितनी होती है?
यह आपकी गाड़ी की कीमत, मॉडल, शहर और कंपनी पर निर्भर करता है। आमतौर पर:
- Car: ₹1,500 – ₹5,000 Extra
- Bike: ₹300 – ₹1,500 Extra
Zero Dep Insurance क्लेम कैसे करें?
- Accident के तुरंत बाद बीमा कंपनी को सूचना दें
- Surveyor की जांच कराएं
- Garage में गाड़ी रिपेयर कराएं
- Documents जमा करें
- Zero Dep के तहत पूरा क्लेम पाएं
Zero Dep Insurance से जुड़े Questions
Q1. क्या Zero Dep Insurance जरूरी है?
जरूरी नहीं, लेकिन फायदेमंद जरूर है।
Q2. क्या हर साल लेना चाहिए?
नई गाड़ी के पहले 3–5 साल तक लेना बेहतर होता है।
Q3. क्या Zero Dep और Bumper to Bumper एक ही है?
हाँ, दोनों लगभग एक जैसे ही होते हैं।
Zero Dep Insurance उन लोगों के लिए एक शानदार विकल्प है जो चाहते हैं कि एक्सीडेंट के बाद उन्हें ज्यादा से ज्यादा क्लेम मिले और जेब से खर्च कम हो। हालांकि इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा होती है, लेकिन फायदे उसके मुकाबले कहीं ज्यादा हैं।
बीमा लेने से पहले हमेशा Policy Wordings पढ़ें और एजेंट की बातों पर पूरी तरह निर्भर न रहें। सही जानकारी के साथ लिया गया बीमा ही असली सुरक्षा देता है।
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